SDM रावतसर को ज्ञापन सौंपते सेम पीड़ित किसान
सेम पीड़ित किसानों की चेतावनी: पंप जल्द चालू नहीं हुए तो होगा बड़ा आंदोलन
रावतसर। हनुमानगढ़ जिले के सेम प्रभावित क्षेत्र के किसानों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) की आरडी 96.400 पर दोनों ओर लगाए जा रहे पंपों का कार्य शीघ्र पूरा कर उन्हें चालू करवाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के हजारों किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
किसानों ने ज्ञापन में कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से फोटो और वीडियो बनाकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेम नाले में बह रहा पानी इंदिरा गांधी नहर के सीपेज का पानी है, जिसे वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत वापस नहर में डाला जा रहा है।
किसानों के अनुसार इंदिरा गांधी नहर के सीपेज के कारण हनुमानगढ़ जिले के दर्जनों गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि सेम की चपेट में आ गई थी। इसी समस्या के समाधान के लिए सेम नाले का निर्माण किया गया, ताकि सीपेज का पानी एकत्रित कर पुनः आईजीएनपी में प्रवाहित किया जा सके।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2014 में एन.के. बिल्डकॉन कंपनी की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल संसाधन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने अध्ययन कर इस पानी को पेयजल एवं सिंचाई के लिए उपयुक्त माना था। इसके बाद राज्य सरकार ने सेम समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 3300 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी थी।
किसानों का कहना है कि वर्तमान में लगाए जा रहे पंप और नहर की रिलाइनिंग उसी परियोजना का हिस्सा हैं। पंपों के सुचारू संचालन से जिले की करीब 22,851 हेक्टेयर भूमि में सुधार होगा तथा किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य में और देरी हुई तो रावतसर, टिब्बी, संगरिया, पीलीबंगा तथा हनुमानगढ़ तहसील के सेम पीड़ित किसान बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान चन्द्रभान बलिहारा, मोहनलाल डेलू, धनराज सिहाग, महावीर खींची, जगदीश, श्रवण, पवन कालीरावण, बीरबल, ओमप्रकाश, सलीम, कृष्णलाल, जयनारायण, हेतराम, बलराम, विक्रम सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।